जैव उर्वरक क्या होता है? (What is Bio Fertilizer?)

जैव उर्वरक (Bio Fertilizer) वे सूक्ष्मजीव (Microorganism) होते हैं जो मिट्टी में मिलकर पौधों को प्राकृतिक रूप से पोषण देते हैं। इनमें जीवित बैक्टीरिया, फंगस और शैवाल होते हैं जो वायुमंडल से नाइट्रोजन लेकर पौधों की जड़ों तक पहुंचाते हैं और मिट्टी में फास्फोरस व अन्य पोषक तत्वों को घुलनशील बनाते हैं।सरल शब्दों में — जैव उर्वरक जीवित खाद है। यह रासायनिक खाद जैसे DAP और NPK का एक प्राकृतिक, सस्ता और टिकाऊ विकल्प है। 

सरल परिभाषा: जैव उर्वरक = वे जीवाणु या फफूंद जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, पौधों को पोषण देते हैं, और खेत की जमीन को जीवंत बनाए रखते हैं — बिना किसी रासायनिक नुकसान के।

जैव उर्वरक के मुख्य प्रकार (Types of Bio Fertilizer)

1. राइजोबियम (Rhizobium) -

दलहनी फसलों की जड़ों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है। सोयाबीन, चना, मूंग, उड़द के लिए सर्वोत्तम।

2. एजोटोबैक्टर (Azotobacter)- 

गेहूं, मक्का, कपास जैसी फसलों में वायुमंडलीय नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करता है।

3. पीएसबी (PSB)

फास्फोरस घोलने वाले बैक्टीरिया — मिट्टी में बंद फास्फोरस को पौधों के उपयोग योग्य बनाते हैं।

4. माइकोराइजा (Mycorrhiza)

जड़ों का विस्तार करता है, पानी व पोषण अवशोषण बढ़ाता है। सभी फसलों के लिए उपयोगी।

5. नील-हरित शैवाल (BGA)

धान की खेती के लिए बेहद उपयोगी। जलमग्न खेतों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है।

6. एज़ोस्पिरिलम (Azospirillum)

गन्ना, ज्वार, बाजरा और धान जैसी फसलों के लिए प्रभावी नाइट्रोजन स्थिरीकरण।

जैव उर्वरक मिट्टी के लिए क्यों बेहतर है?

रासायनिक खाद (DAP, NPK, यूरिया) से अल्पकालिक उत्पादन तो बढ़ता है, लेकिन लंबे समय में मिट्टी खराब हो जाती है। जैव उर्वरक मिट्टी को जीवंत और उपजाऊ बनाए रखता है।

DAP, NPK और जैव उर्वरक की तुलना

किसान भाई अक्सर पूछते हैं — क्या जैव उर्वरक DAP और NPK की जगह ले सकता है? आइए तुलना करते हैं:

DAP (यूरिया/रासायनिक)

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