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उपयोग की विधि

उपयोग: रोपण के समय आधार उर्वरक के तरीके उपयोग किया जा सकता है।

अनुपात

4 किग्रा प्रति एकड़: कपास, गेहूं, बाजरा, मक्का, ज्वार, धान, मूँगफली, सोयाबीन, अरंडी, तम्बाकू, गन्ना, जीरा, धनिया, सौंफ, आलू, दलहन, सब्जियाँ आदि।
10–40 ग्राम प्रति पौधा: आम, केला, सीताफल, चीकू, नींबू, अमरूद, खजूर, अनार, पपीता, नारियल आदि फल।

फायदे

  • माइकोराईजा कवक मिट्टी में असंख्य तंतु बनाकर एक कृत्रिम जड़ की तरह कार्य करता है, जो मिट्टी से पोषक तत्व लेकर फसलों को देता है।
  • मिट्टी में सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ती है, जिससे मिट्टी की संरचना में सुधार होता है।
  • पौधों को पानी और पोषक तत्व अवशोषण क्षमता को बढ़ाता है, जो सूखे की स्थिति में फसलों की रक्षा करता है।
  • माइकोराईजा जड़ों का पूर्ण विकास कर पौधे को मजबूत बनाती है।

पैकिंग साइज

4 किग्रा

तकनीकी विवरण

पैरामीटर मान
Total viable spores Minimum 10 viable spores per gram of finished product
pH 5.0–7.0
Inoculum potential 1200 IP per gram of finished product by MPN method